झारखंड आंदोलन के पांच आंदोलनकारियों के आश्रितों को अब जाकर हेमंत सरकार में मिला सम्मान

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झारखंड आंदोलन के पांच आंदोलनकारियों को झारखंड गठन के इतने वर्षो बाद अब जाकर हेमंत सरकार में सम्मान मिला है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड / वनांचल अलग राज्य के गठन के लिए चिन्हित पांच आंदोलनकारियों के मृत्युपरांत उनके आश्रितों को लाभ देने के प्रस्ताव एवं अधिसूचना प्रारूप को स्वीकृति दे दी है. इन चिन्हित आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकार द्वारा किए गए प्रावधानों के अनुकूल उनकी कोटि के अंतर्गत वर्णित सुविधाएं संबंधित जिला के उपायुक्त द्वारा प्रदान की जाएगी.

आंदोलनकारियों के आश्रितों को मिलेगी सम्मान पेंशन राशि

संबंधित जिलों के उपायुक्त नामांकित चिन्हित झारखंड /वनांचल आंदोलनकारियों के आश्रितों की पहचान करते हुए उन्हें प्रतिमाह देय बकाया सम्मान पेंशन राशि का एकमुश्त भुगतान निधि की उपलब्धता के आधार पर सुनिश्चित करेंगे और प्रत्येक माह का सम्मान पेंशन का उसके अगले माह में प्रथम सप्ताह तक भुगतान किया जाएगा. उपायुक्त यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में एक आंदोलनकारी के आश्रित को दोबारा सम्मान पेंशन का भुगतान नहीं हो. इसके अलावा यह 1 अगस्त 2015 अथवा आंदोलनकारी की मृत्यु, जो बाद में हो की तिथि से प्रभावी होगा.

इन आंदोलनकारियों के आश्रितों को मिलेगा लाभ

गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड के आंदोलनकारी स्वर्गीय महादेव सोरेन की आश्रित मंझली देवी, दुमका जिले के मसलिया प्रखंड के आंदोलनकारी स्वर्गीय हराधन किस्कू की आश्रित फूलमुनि बास्की, साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड के आंदोलनकारी स्वर्गीय बिहारी मंडल की आश्रित तारा देवी, गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड के आंदोलनकारी स्वर्गीय प्रेमलाल टुडू की आश्रित सरोजिनी मरांडी और गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड के आंदोलनकारी स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद साह की आश्रित ललिता देवी को यह लाभ मिलेगा.

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