दिल्ली में रची गयी थी अपहरण की साजिश, छह गिरफ्तार

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गिरिडीह: द्वारपहरी से अपहृत इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार की सकुशल बरामदगी कर ली गयी जा. इसके बाद इस अपहरण में शामिल छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. इन अपराधियों के पास से पिस्टल, पांच मोबाइल व घटना में प्रयुक्त मारुति अर्टिगा कार बरामद किया है. इस मामले की जानकारी एसपी अमित रेणू ने दी. इस कांड में जिन अपराधियों को पकड़ा गया है. उनमें चतरा जिले के मयूरहंड थाना इलाके के पत्थरा निवासी शशि साव, इसी थाना इलाके के बलिया निवासी संजय पंडा, गिरिडीह जिले के हिरोडीह थाना अंतर्गत कठवारा निवासी दीपक मंडल, जमुआ थाना इलाके के चुंगलो गादी निवासी अरविंद मंडल, बिरनी थाना इलाके के चिताखारो निवासी सुकर मंडल व मुफस्सिल थाना इलाके के महेशपुर निवासी विमल मंडल शामिल हैं.

एसपी ने बताया अपहरण की सूचना मिलते ही त्वरित कार्यवाई की गयी. तुरन्त ही एसडीपीओ सरिया बगोदर बिनोद कुमार महतो व एसडीपीओ खोरी महुआ नवीन कुमार सिंह की अगुवाई में चार टीम को गठन किया गया. एसपी ने बताया कि अपराधियों के द्वारा अपहृत के परिजनों को व्हाट्सएप पर कॉल किया जा रहा था ताकि वे पकड़ में नहीं आये. इसी दौरान अपराधियों ने पांच लाख की फिरौती की मांग की गयी और परिजनों को रकम के साथ बगोदर के इलाके में बुलाया गया. रविवार को जैसे ही अपराधी अरविंद मंडल व शशि साव पैसा लेने बगोदर के अटका पहुंचा तो उसे अर्टिगा कार व पिस्टल के साथ पकड़ लिया गया. इनकी निशानदेही पर चतरा जिले के मयूरहंड थाना इलाके बलिया जंगल में पुलिस पहुंची तो यहां से अपहृत को बरामद कर लिया गया. यहीं पर दो और अपराधी संजय पंडा व दीपक मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि इस दौरान अनिल पंडा नामक अपराधी भागने में सफल रहा. हिमांशु की पहचान कराने में सुकर मंडल व विमल मंडल शामिल था. ऐसे में सोमवार को सुकर मंडल व विमल मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया.

एसपी ने बताया कि अपहरण की इस साजिश को रचने में सबसे अहम भूमिका दीपक मंडल व अरविंद मंडल की रही. ये लोग दिल्ली में रहते हैं और वहीं पर वाहन चलाने का काम करते हैं. दोनों अपराधी दिल्ली से अर्टिगा कार से पहुंचे. यहां पर शशि साव को इस योजना में शामिल किया. इसके बाद शशि, संजय पंडा व अनिल पंडा को लेकर गिरिडीह पहुंचे.
सुकर मंडल व विमल मंडल के सहयोग से हिमांशु का पहचान की. इसके बाद केमोफ्लेज वर्दी खरीदी और घटना की शाम 7:30 बजे साइबर पुलिस बनकर हिमांशु के दुकान पर धावा बोला. यहां खुद को पुलिस बताकर हिमांशु का अपहरण कर लिया. बाद में फिरौती की मांग की. इस अपहरणकांड के उदभेदन में हजारीबाग-चतरा की पुलिस के अलावा चतरा जिले के मयूरहंड थाना इलाके बलिया के लोगों का भी सहयोग रहा.

पकड़े गए अपराधियों में से शशि साव सरिया थाना के डकैती कांड में तीन साल जेल में रहा है. इसके अलावा चतरा जेल में नौ माह रहा है. धनबाद के कतरास थाना के मामले में भी वह आठ माह जेल में रहा है. इसी प्रकार दीपक मंडल हीरोडीह थाना के हत्याकांड में 2015 से 2017 तक जेल में रहा है.

छापेमार दल:
इस अभियान में एसपी के अलावा एसडीपीओ बगोदर बिनोद कुमार महतो, एसडीपीओ खोरीमहुआ नवीन कुमार सिंह, बगोदर थाना प्रभारी नवीन कुमार, थाना प्रभारी जमुआ संतोष कुमार राणा, थाना प्रभारी बिरनी सुरेश कुमार मंडल शामिल थे।

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