नक्सली संग़ठन पीएलएफआई का एरिया कमांडर दीत नाग गिरफ्तार लोडेड पिस्टल और कारतूस बरामद

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झारखंड के खूंटी जिला में आतंक का पर्याय माने जाने वालेे प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के एरिया कमांडर और बीजेपी कार्यकर्ता भैयाराम मुंडा हत्याकांड का आरोपी दीत नाग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दीत नाग दो लाख रुपये का इनामी उग्रवादी है। गिरफ्तार नक्सली के पास से पुलिस ने एक लोडेड देसी पिस्टल, एके-47 की 11 गोलियां, पिट्ठू, पीएलएफआई की रसीद और पर्चा बरामद किया है। शनिवार को एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खूंटी के एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि इन दिनों नक्सली कमांडर के अड़की-मुरहू थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में भ्रमणशील रहने की सूचना लगातार पुलिस को मिल रही थी जिसके बाद जिले के अड़की और मुरहू थाना के पुलिस जवानों की संयुक्त टीम ने विशेष छापामारी अभियान चलाकर राजधानी रांची से लगभग 60 किलोमीटर अड़की थाना क्षेत्र के चाड़ाडीह रायतोड़ांग के जंगल से उसे गिरफ्तार किया।

हत्या के 7 मामले समेत 20 कांडों का है आरोपी

एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि नक्सली कमांडर दीत नाग पड़ोसी जिले चाईबासा के बंदगांव और खूंटी जिले के मुरहू और अड़की थाना क्षेत्र में सक्रिय था। उसके खिलाफ मुरहू थाना में 15 और अड़की थाना में 5 मामले दर्ज हैं। जिसमें 7 मामले हत्या के हैं। पिछले कई सालों से पुलिस उसके गिरफ़्तारी के लिए प्रयासरत थी। एसपी के अनुसार उसके दस्ते के ज्यादातर लोग या तो मारे जा चुके हैं या पकड़े जा चुके हैं। 25 साल की उम्र में ही वह अड़की, मुरहू और बंदगांव क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन गया। दीत नाग ने महज मामूली विवाद को लेकर अपने चचेरे भाई जितेंद्र मुंडा की हत्या कर दी थी और शव के टुकड़े-टुकड़े करके फेंक दिया था। पीएलएफआई संगठन में वह जोनल कमांडर रहे प्रभु सहाय बोदरा के साथ काम करता था. 29 जनवरी, 2019 को अड़की के तिरला में पुलिस और पीएलएफआई के बीच हुई मुठभेड़ में वह बच निकला था.उस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी. पूर्व में वह एके 47 का प्रयोग करता था. तिरला मुठभेड़ में एके-47 को छोड़कर वह भाग निकला था. उक्त मुठभेड़ में प्रभु सहाय बोदरा समेत पांच उग्रवादी मारे गये थे.बीजेपी कार्यकर्ता भैयाराम मुंडा हत्याकांड में भी दीत नाग शामिल था।

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