54 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद 350 फ़ीट गहरे चानक से निकला समरसेबुल पम्प, प्रोजेक्ट इंजीनियर एन के सिंह के नेतृत्व में मिली सफलता

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गिरिडीह : गिरिडीह कोलियरी के कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट इंजीनियर नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में पानी से लबालब भरे साढ़े तीन सौ फ़ीट गहरे कोलीमारन चानक से समरसेबुल मोटर पंप को बहार निकाल लिया है. जिस वक़्त चानक में समरसेबुल मोटर पंप गिर गया था उस वक़्त सबों ने यह मान लिया था कि अब इस पंप को चानक से बहार निकलना असंभव है. लेकिन दृढ़ इच्छा शक्ति के बुते कामगारों ने इस असंभव कार्य को संभव क्र दिखाया है. उक्त मोटर पंप की कीमत लगभग पांच लाख है जिससे लगभग पांच हज़ार की आबादी को जलापूर्ति किया जाता था. बता दे कि दस दिन पूर्व कोलीमारन चानक में समरसेबुल मोटर पम्प को लगाने के क्रम में रस्सा टूट जाने से पंप पानी से लबालब भरे साढ़े तीन सौ फ़ीट गहरे चानक में गिर गया था. इसके बाद इसको लेकर प्रोजेक्ट इंजीनियर नवीन कुमार सिंह ने सीसीएल के वाटर सप्लाई समेत अन्य कामगारों से साथ विचार मंथन किया और कार्य योजना बनाई। इसके लिए लगातार मेहनत करके उक्त समरसेबुल मोटर पंप को बाहर निकालने में सफलता हासिल की गई. इस कार्य में प्रोजेक्ट इंजीनियर के नेतृत्व में फोरमैन मो इम्तियाज समेत वाटर सप्लाई की टीम ने अहम भूमिका अदा की है. बताया जाता है कि मोटर पंप गिर जाने के बाद कोलीमारन समेत कई इलाकों में पेयजल की समस्या उतपन्न हो गई थी. हालांकि सीसीएल द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था करायी गई थी. सीसीएल गिरिडीह कोलियरी के प्रोजेक्ट इंजीनियर नवीन कुमार सिंह ने बताया कि समरसेबुल मोटर पंप 350 फ़ीट गहरे कोलीमारन चानक में गिर गया था. पिछले 9 दिनों से रोजाना छह घंटे पंप निकालने का काम चल रहा था. रविवार को 54 घंटे के कड़ी मेहनत के बाद इसमें सफलता  हासिल हुई है. झगर, रस्सा और चैन पुलिंग के जरिये पानी के ऊपरी हिस्से तक पहले पंप को लाया गया. इसके बाद क्रेन के जरिये इसे बाहर निकाला गया. इसके लिए कामगारों ने कड़ी मेहनत की है. उन्होंने बताया कि मोटर पंप की जांच की जाएगी। जांच में सबकुछ दुरुस्त हुआ तो इसे लगा दिया जायेगा। 

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